Sri Ram Exams logoSri Ram ExamsRead • Practice • Improve
Monday, 2 November 2026

Mains Answer Writing

Mains Answer Writing

Today’s Mains Practice

Latest question ऊपर है; सभी पुराने प्रश्न नीचे filter और pagination के साथ उपलब्ध हैं.

UPSCEconomy10 Marks250 Words7 min

“हरित ऊर्जा की ओर संक्रमण ने जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को समाप्त नहीं किया है, बल्कि उसे महत्त्वपूर्ण खनिजों पर नई निर्भरता में परिवर्तित कर दिया है।” भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के संदर्भ में विवेचना कीजिए।

“हरित ऊर्जा की ओर संक्रमण ने जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को समाप्त नहीं किया है, बल्कि उसे महत्त्वपूर्ण खनिजों पर नई निर्भरता में परिवर्तित कर दिया है।” भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के संदर्भ में विवेचना कीजिए।

7:00
Words: 0 / 250
View Model Answer
Model Answer • 10 Marks | 250 Words | 7 Min

Main Answer

प्रस्तावना

लिथियम, कोबाल्ट, निकल, ग्रेफाइट तथा दुर्लभ मृदा तत्त्व आधुनिक अर्थव्यवस्था के “रणनीतिक आधारभूत पदार्थ” हैं। इनका उपयोग विद्युत वाहनों, सौर पैनलों, बैटरियों, अर्धचालकों, दूरसंचार और रक्षा प्रणालियों में होता है। इसलिए हरित संक्रमण का अर्थ खनिज निर्भरता से मुक्ति नहीं, बल्कि उसकी प्रकृति में परिवर्तन है।

मुख्य उत्तर

भारत के लिए महत्त्वपूर्ण खनिजों का महत्त्व अनेक आयामों में है—

ऊर्जा आयाम: बैटरी भंडारण और विद्युत वाहनों के विस्तार के लिए लिथियम, निकल तथा कोबाल्ट आवश्यक हैं।
औद्योगिक आयाम: घरेलू खनिज उपलब्धता उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन, इलेक्ट्रॉनिकी और उन्नत विनिर्माण को गति देगी।
सामरिक आयाम: दुर्लभ मृदा तत्त्व मिसाइल, रडार, ड्रोन तथा संचार प्रणालियों के लिए आवश्यक हैं।
भू-राजनीतिक आयाम: खनन और प्रसंस्करण का कुछ देशों में संकेंद्रण आपूर्ति को आर्थिक दबाव के साधन में बदल सकता है।
पर्यावरणीय आयाम: खनन से वन-विनाश, जल प्रदूषण, विस्थापन और जनजातीय अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

भारत की प्रमुख कमजोरियाँ सीमित अन्वेषण, निम्न प्रसंस्करण क्षमता, आयात निर्भरता, तकनीकी अभाव तथा खनन परियोजनाओं की लंबी स्वीकृति प्रक्रिया हैं। केवल घरेलू खनन बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा।

भारत को “सम्पूर्ण मूल्य-श्रृंखला रणनीति” अपनानी चाहिए—देश में वैज्ञानिक अन्वेषण, विदेशों में खनिज परिसंपत्तियों का अधिग्रहण, मित्र देशों के साथ आपूर्ति साझेदारी, रणनीतिक भंडार, खनिज प्रसंस्करण तथा बैटरी-पुनर्चक्रण। नगरीय खनन के माध्यम से ई-कचरे और अनुपयोगी बैटरियों से खनिज प्राप्त किए जा सकते हैं। स्थानीय समुदायों की पूर्व सहमति, जिला खनिज प्रतिष्ठान का प्रभावी उपयोग और कठोर पर्यावरणीय मूल्यांकन भी आवश्यक हैं।

निष्कर्ष

वास्तविक आत्मनिर्भरता खनिज भंडार रखने में नहीं, बल्कि अन्वेषण से लेकर पुनर्चक्रण तक संपूर्ण मूल्य-श्रृंखला पर विश्वसनीय क्षमता विकसित करने में निहित है।

विद्यार्थी के लिए प्रस्तुतीकरण सुझाव

मुख्य उत्तर के बाद यह मूल्य-श्रृंखला बनाई जा सकती है:

अन्वेषण → खनन → प्रसंस्करण → विनिर्माण → उपयोग → पुनर्चक्रण → पुनः उत्पादन

उत्तर में केवल समस्याएँ न लिखें। ऊर्जा, अर्थव्यवस्था, रक्षा, भू-राजनीति, पर्यावरण और सामाजिक न्याय—इन छह आयामों को अलग-अलग दिखाएँ। “नगरीय खनन”, “रणनीतिक भंडार” और “चक्रीय अर्थव्यवस्था” जैसे शब्द उत्तर को सामान्य विवरण से ऊपर उठाते हैं।

प्रस्तावना

लिथियम, कोबाल्ट, निकल, ग्रेफाइट तथा दुर्लभ मृदा तत्त्व आधुनिक अर्थव्यवस्था के “रणनीतिक आधारभूत पदार्थ” हैं। इनका उपयोग विद्युत वाहनों, सौर पैनलों, बैटरियों, अर्धचालकों, दूरसं?...


All Mains Questions

No question disappears when a new one is published.

UPSCPolity and GovernanceJudiciary and Appointment of Judges15 Marks

Examine the constitutional framework governing the appointment of judges to the High Courts in India. Discuss how institutional tensions between the executive and the judiciary have shaped the collegium system and its implications for judicial independence. (15 marks, 250 words)

भारत में उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति को नियंत्रित करने वाले संवैधानिक ढांचे का परीक्षण कीजिए। चर्चा कीजिए कि कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच संस्थागत तनावों ने किस प्रकार कॉलेजियम प्रणाली को आकार दिया है और न्यायिक स्वतंत्रता के लिए इसके क्या निहितार्थ हैं। (15 अंक, 250 शब्द)

Write Answer →
UPSCEnvironment and EcologySustainable Development & Climate Policy15 Marks

Examine how India’s recent policy measures and technological interventions in renewable energy, clean mobility, and resource conservation are establishing a new paradigm of sustainable development. (15 Marks, 250 Words)

परीक्षण कीजिए कि नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ गतिशीलता और संसाधन संरक्षण में भारत के हालिया नीतिगत उपाय और तकनीकी हस्तक्षेप कैसे सतत विकास के एक नए प्रतिमान की स्थापना कर रहे हैं। (15 अंक, 250 शब्द)

Write Answer →
UPPSCUttar Pradesh SpecialCulture, Tourism and Infrastructure in UP12 Marks

Cultural Heritage and Spiritual Tourism as Drivers of Uttar Pradesh’s Regional Development — UPPSC Mains

जीएस पेपर V और VI के ढांचे के तहत उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि और क्षेत्रीय विकास को गति देने में सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भूमिका का परीक्षण कीजिए।

Write Answer →
UPSCScience & TechnologyIndigenization of Technology15 Marks

India Semiconductor Mission and Technological Self-Reliance — UPSC Mains

तकनीकी आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के रणनीतिक महत्व का परीक्षण कीजिए। एक मजबूत घरेलू सेमीकंडक्टर विनिर्माण और डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने में भारत के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों की चर्चा कीजिए।

Write Answer →
UPSCDefence & SecurityIndigenisation of Defence10 Marks

Next Generation Missile Vessels and India’s Strategic Autonomy — UPSC Mains

हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रक्षा तैयारी और रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करने में अगली पीढ़ी के मिसाइल पोतों (NGMV) जैसी स्वदेशी युद्धपोत निर्माण कार्यक्रमों की भूमिका का परीक्षण कीजिए।

Write Answer →
UPSCBlue Economy & Sustainable Development15 Marks

Blue Economy in the Indo-Pacific: Multilateral Finance, Marine Pollution and Coastal Resilience — UPSC Mains

इंडो-पैसिफिक में विकासशील देशों के लिए 'ब्लू इकोनॉमी' के भू-आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व का परीक्षण कीजिए। बहुपक्षीय विकास वित्तपोषण तटीय क्षेत्रों में समुद्री प्रदूषण और जलवायु संबंधी कमजोरियों का प्रभावी ढंग से समाधान कैसे कर सकता है?

Write Answer →
UPPSCUttar Pradesh EnvironmentUP NCR Air Pollution Management15 Marks

Air pollution in Uttar Pradesh’s NCR districts is not merely an environmental issue but a challenge of urban governance, technology-enabled enforcement and inter-agency coordination. Discuss.

उत्तर प्रदेश के NCR जिलों में वायु प्रदूषण केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि शहरी शासन, प्रौद्योगिकी-आधारित प्रवर्तन और अंतर-एजेंसी समन्वय की चुनौती भी है। चर्चा कीजिए।

Write Answer →
UPSCEconomyGovernment Schemes & Inclusive Growth15 Marks

Discuss the significance of the PM Vishwakarma Yojana in integrating traditional artisans into the formal economy. How does it address the structural challenges faced by rural and urban craftspeople in India?

पारंपरिक कारीगरों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में एकीकृत करने में पीएम विश्वकर्मा योजना के महत्व की चर्चा कीजिए। यह भारत में ग्रामीण और शहरी शिल्पकारों के सामने आने वाली संरचनात्मक चुनौतियों का समाधान कैसे करती है?

Write Answer →
UPSCEnvironment and EcologyEnvironmental Governance and Judicial Mechanisms15 Marks

Evaluate the role of the National Green Tribunal (NGT) in shaping India’s environmental jurisprudence and addressing executive implementation gaps. What institutional measures are required to enhance its efficacy?

भारत के पर्यावरण न्यायशास्त्र को आकार देने और कार्यकारी कार्यान्वयन की कमियों को दूर करने में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। इसकी प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए किन संस्थागत उपायों की आवश्यकता है?

Write Answer →
UPSCInternational RelationsGlobal Health Governance & International Treaties15 Marks

Discuss the geopolitical and equity dimensions of the Pathogen Access and Benefit-Sharing (PABS) negotiations under the WHO Pandemic Agreement. How can global health governance ensure that developing nations are not marginalized during future health emergencies?

WHO महामारी समझौते के तहत पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट-शेयरिंग (PABS) वार्ताओं के भू-राजनीतिक और समानता आयामों की चर्चा कीजिए। वैश्विक स्वास्थ्य शासन यह कैसे सुनिश्चित कर सकता है कि भविष्य के स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान विकासशील देशों की उपेक्षा न हो?

Write Answer →
UPSCLabour Standards & Supply Chain Governance15 Marks

Examine the significance of the International Labour Organization’s inclusion of occupational safety and health as a fundamental principle and right at work. What structural challenges impede effective labour standard enforcement in informal and agricultural supply chains?

काम पर एक मौलिक सिद्धांत और अधिकार के रूप में व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य को शामिल करने के अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के महत्व का परीक्षण कीजिए। अनौपचारिक और कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं में प्रभावी श्रम मानक प्रवर्तन में कौन-सी संरचनात्मक चुनौतियाँ बाधा डालती हैं?

Write Answer →
UPSCEconomyLabour & Social Security15 Marks

Examine the implications of raising the EPFO wage ceiling on the formalisation of India’s labour market. What institutional and compliance challenges must be addressed to ensure effective social security delivery?

भारत के श्रम बाजार के औपचारिकीकरण पर EPFO वेतन सीमा बढ़ाने के प्रभावों का परीक्षण कीजिए। प्रभावी सामाजिक सुरक्षा वितरण सुनिश्चित करने के लिए किन संस्थागत और अनुपालन चुनौतियों का समाधान किया जाना चाहिए?

Write Answer →