Explain the meaning of Anirvachanīya Khyāti.
Model Answer
Introduction
Anirvachanīya Khyāti is Advaita Vedānta's theory of error (illusion).
Main Answer
- इसका अर्थ है कि भ्रांतिजन्य वस्तु न तो वास्तविक है और न ही पूर्णतः असत्य।
- यह 'सद्-असद्-विलक्षण' (सत् और असत् से भिन्न) है।
- इसकी उत्पत्ति अविद्या के कारण होती है।
- तथ्य के ज्ञान से इसका बाध (निराकरण) होता है।
Conclusion
It explains empirical illusions within a non-dual metaphysical framework.
अनिर्वचनीय ख्याति के अर्थ की व्याख्या करें।
मॉडल उत्तर
प्रस्तावना
अनिर्वचनीय ख्याति अद्वैत वेदांत का भ्रम या त्रुटि का सिद्धांत है।
निष्कर्ष
यह अद्वैत दर्शन में व्यावहारिक भ्रम की व्याख्या करता है।
Answer-writing guidance
Anirvachanīya = Inexplicable illusory object (neither real nor unreal).
उत्तर-लेखन संकेत
अनिर्वचनीय = अनिर्वाच्य भ्रम (न सत्य, न असत्य)।
